जालंधर (R24N): जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से ठीक पहले, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अपनी सरकार के साढ़े तीन साल के कामकाज को गिनवाने की बजाय 25 साल का राजनीतिक इतिहास दोहरा कर यह साफ कर दिया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के पास दिखाने लायक कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। यह कहना पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय एससी आयोग के पूर्व चेयरमैन विजय सांपला का जो की आज जिला भाजपा प्रधान सुशील शर्मा, पूर्व विधायक जगबीर बराड, जिला महामंत्री अमरजीत सिंह गोल्डी, प्रमोद कश्यप के साथ पत्रकार वार्ता संबोधित कर रहे थे।
सांपला ने कहा कि चीमा द्वारा भाजपा–अकाली गठबंधन को लेकर दिया गया बयान पूरी तरह झूठ और बेबुनियाद है, क्योंकि भाजपा 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनावों से लेकर 2024 के लोकसभा चुनावों तक भाजपा हमेशा अपने बलबूते चुनाव लड़ती रही है और अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव भी अकेले लड़ रही है। 2027 के चुनाव भी भाजपा अपने दम पर लड़ेगी। गठबंधन पर उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी पार्टी से मिलना या न मिलना पार्टी हाईकमान का फैसला होता है इसमें हरपाल चीमा की कोई भूमिका नहीं।
सांपला ने कहा कि चीमा को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पिछली सरकारों पर उंगली उठाने से पहले अपनी ही पार्टी के साढ़े चार साल के कामकाज पर सवाल पूछने की हिम्मत करनी चाहिए थी। उन्होंने पूछा कि जिन मंत्रियों को मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मामलों में पद से हटाया, उन्हें सभी को जमानत कैसे मिल गई? और एक विधायक तो सरकार के हाथों से ही फरार हो गया — इस पर चीमा चुप क्यों हैं?
सांपला ने कहा कि चीमा के पास प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताने के लिए एक भी ठोस उपलब्धि नहीं थी, इसलिए वे भाजपा को बदनाम करने की नीयत से बेबुनियाद बयानबाज़ी करते रहे।
