जालंधर (R24N): अर्बन एस्टेट फेस-1 में स्थित कोठी नंबर 1023 पर थाना-7 की पुलिस ने दबिश दी थी, जिसमें पुलिस ने भारी मात्रा में शराब सहित अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया था। इस दौरान पुलिस ने नामी यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां भी बरामद की थी। इस मामले को लेकर फरार चल रही मोनिका ने जमानत की अर्जी लगाई थी जिसको जज जसविंदर सिंह की अदालत में खारिज कर दिया गया। पीड़ित महिला की तरफ से वकील राहुल रामपाल शर्मा इस केस को लड़ रहे हैं। इस मामले की जानकारी देते एडवोकेट राहुल रामपाल ने कहा कि डॉक्टर पीयूष गोयल जेल में बंद है और जल्द ही पुलिस मोनिका को भी पकड़ कर जेल में डाल देगी। आज अदालत की तरफ से मोनिका की अर्जी खारिज कर दी है और मोनिका के पकड़े जाने के बाद ही बड़े खुलासे सामने आएंगे। एडवोकेट राहुल रामपाल ने आगे बताया कि मोनिका को बेल नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि अभी इससे सभी दस्तावेज जैसे फर्जी डिग्रियां, फैब्रिकेशन व अन्य डॉक्यूमेंट से इससे पुलिस ने रिकवर करने हैं इसलिए इसकी जमानत खारिज करनी चाहिए। अभी इससे सब कुछ रिकवर होना बाकी है।

यह था मामला
शादी डॉट कॉम व अरोड़ा अस्पताल के डॉक्टर पुष्कर गोयल पर महिला द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए थे कि अर्बन एस्टेट फेस 1 में स्थित कोठी नंबर 1023 पर महिलाओं को मैरीज के बहाने बुलाया जाता है, जिसके बाद महिलाओं को वहां पहुंचकर 50-50 हजार में नौकरी का ऑफर दिया जाता है व महिलाओं को शराब पिलाकर Sexual harassment किया जाता है और उन्हें फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए कहा जाता है। महिला का आरोप था कि मोनिका, सूरज और ज्योति मिलकर डॉक्टर पुष्कर गोयल का साथ देती है। इन्हें एक लड़की को मिलवाने के लिए 20 हजार रुपए मिलते है।
महिला ने आगे कहा था कि वह 2 महीने पहले ही नौकरी पर आई है और उसे 10 दिनों में पता चल गया था, लेकिन उसकी सैलेरी रोकी हुई थी, जिसके कारण वह चुप थी। आरोप था कि लड़कों की जगह लड़कियों को देर रात 8 बजे तक लाइव लोकेशन पर रहने का कहा जाता था।

वहीं दफ्तर में चल रही पार्टियों की वीडियो भी पुलिस को दी गई थी। महिला ने बताया कि इस कोठी में फर्जी डिग्री तैयार की जाती है, जिसे ढाई से तीन लाख में बेची जाता थी। इस डिग्री के जरिए बच्चों को विदेश भेजा जाता है। महिला ने कहा दफ्तर में मेडिकल डिपार्टमेंट को लेकर बोर्ड लगाए जाते है, जोकि दफ्तर के अंदर ही लगते थे। महिला ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है।
पीड़ित महिला की मदद के लिए आगे आए थे राजेश वर्मा
वहीं एंटी करप्शन फाउडेंशन इंडिया के इंचार्ज राजेश वर्मा पीड़ित महिला की मदद के लिए पहुंचे थे। इस दौरान दफ्तर में की गई कार्रवाई के दौरान उन्हें भारी मात्रा में फर्जी डिग्रियां, स्टैंप बरामद की। इस दौरान दफ्तर में से आपत्तिजनक सामान, शराब की 3 पेटियां सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। राजेश वर्मा ने कहा था कि दफ्तर को अय्याशी का अड्डा बनाया गया था। घटना के बारे में 2 दिन पहले ही पता चला था। दफ्तर में तालाक हो चुकी महिलाओं को नौकरी पर रखा जाता है। दफ्तर में से यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रीयां बरामद हुई है।
