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जालंधर (R24N): बहू द्वारा लगाए आरोपों पर वकील आर.के. बजाज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मेरे बेटे की शादी 30.11.2017 को बिना दहेज के पीडिता के साथ हुई थी और 16.12.2017 को पीडिता ने पेट में दर्द की शिकायत की तो उसको सुष्मा चावला नर्सिंग होम में दाखिला करवाया गया जहां पता चला कि यह पहले ही पेट से है। यानी इसके बच्चा होने वाला है। हमने फिर भी इसकी और इसके परिवार की इज्जत रखी और इसे अपनी बहू के रूप में स्वीकार किया। दिनांक 3.6.2019 को मेरे बेटे और पीडिता से लडके ने जन्म लिया। इसके बाद पीडिता ने मेरे दामाद के साथ नाजायज शारीरिक संबंध बना लिए क्योकि वह घर में अक्सर आता जाता था और जब भी वह घर में अकेली होती थी तो दामाद को बुला लेती और और शारीरिक संबंध बनाती थी। इसके बाद उसने मेरे दामाद के साथ शादी करवाने के लिए तैयार हो गई। नाजायज शारीरिक संबंध के बारे में जब पूरे परिवार को पता चला तो इनकी आईडी से अश्लील फोटो निकाली। पीडिता ने 17.6.2022 को घर छोड दिया और अपने लडके को साथ लेकर दामाद के साथ रहने लगी। जाते वक्त पीडिता ने अपनी सास के गहने चोरी करके ले गई और जो गहना इसको शादी में दिया था वह भी लेकर चली गई। जो इसने सोना चोरी किया उसके बारे में पुलिस को शिकायत दी गई और इस पर धारा 380 के तहत थाना नंबर 3 में बाबत एफआईआर नंबर 122. 2022 दर्ज हुआ जिसका चालान कोर्ट में दे दिया गया है और माननीय अदालत ने इस पर धारा 380 का चार्ज भी लगा दिया है। एफआईआर नंबर 122 की कापी जो पीडिता पर दर्ज हुई है उसका कापी साथ में लगा रहा है।
पीडिता ने फोटो वायरल करने की झूठी दरख्वास्त आर. के. बजाज और उसके परिवार पर दी है जोकि बेबुनियाद है। इस बाबत उसने लगभग 4 बार दरख्वास्त दी पर पुलिस ने हर वक्त दरख्वास्त दफतर दाखिल कर दी। फिर पीडिता ने एक और दरख्वास्त दी जो गगनदीप सिंह गुमन सहायक पुलिस कमिश्नर सिक्योरिटी के पास गई और तराने पीडिता के साथ मिलकर हम पर झूठा पर्चा दर्ज कर दिया। गगनदीप सिंह सहायक पुलिस कमिश्नर सिक्योरिटी जालंधर के पास मैंने चार पांच हरियाणा हाईकोर्ट की फैसलों की कापी और साथ में डीजीपी का सर्कुलर 1.8.2008 और सर्कुलर 10.08.2022 भी दिए जिसमें यह लिखा है कि बार बार इन्कुआरी किसी दरख्वास्त की उसी एलीगेशन पर नहीं की जा सकती परन्तु गगनदीप सिंह गुमन ने माननीय हाईकोर्ट पंजाब एवं हरियाणा के फैसलों को दरकिनार कर दिया और डीजीपी के सर्कुलर को भी नहीं माना और हम पर झूठा पर्चा दर्ज कर दिया। मैं हाईकोर्ट के फैसलों की कापी और डीजीपी के सर्कुलर की कापी साथ में लगा रहा हूं।
पीडिता ने इस मामले में हाईकोर्ट में भी पटीशन डाली थी जो कि माननीय हाईकोर्ट ने खारिज कर दी जिसकी कापी भी साथ में लगा रहा हूं। जो पहले दरख्वास्तें दफतर दाखिल हुई थी उसकी कापी मैं साथ में लगा रहा हूं। जिन दरख्वास्तों में एक बार इसी गगनदीप सिह गुमन ने उसी आरोपों पर पीडिता की दरख्वास्त दफतर दाखिल की थी। गगनदीप सिंह गुमन सहायक पुलिस कमिश्नर सिक्योरिटी जालंधर पीडिता के साथ मिल गया क्योंकि आगे भी पीडिताओं के साथ मिलने का काम करता है जैसे कि जब यह पुलिस स्टेशन अफसर गढ़शंकर, होशियारपुर में लगा हुआ था तब भी इसने एक लडकी के साथ गलत हडकत की थी और इसको लाइन हाजिर कर दिया गया था और यह खबर डेली टरीब्यून में 12 जून 2019 को छपी थी और इसकी उस पीडिता के साथ आडियो वीडियो भी वायरल हुई थी। इस खबर की फोटो कापी साथ में लगा रहा हूं। मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ जो झूठा पर्चा दर्ज हुआ है उस पर्चे के बाबत मैंने पुलिस कमिश्नर के पास पर्चे को खारिज करने की अर्जी डाली है जो कि विचाराधीन है।
मैंने गगनदीप सिंह गुमन सहायक पुलिस कमिश्नर सिक्योरिटी के खिलाफ एक दरख्वास्त डीजीपी, चंडीगढ़, होम सैक्रेटरी और वूमैन राइटस चंडीगढ़ में दी है जिस पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई, उस दरख्वास्त की कापी भी साथ में लगा रहा हूं। बड़े हैरानी की बात है कि गगनदीप सिंह गुमन 2019 में जब वह एसएचओ था तो किसी पीडिता के साथ गलत व्यवहार करते हुए पकड़ा गया था और लाइन हाजिर हो गया, वह कैसे कुछ ही समय में एसएचओ से एसीपी बन गया, यह विचार करने योग्य बातें हैं।
