जालंधर (R24N): शहर के एक नामी वकील ने अपने बेटे और दामाद के साथ मिलकर बहू की न्यूड फोटो फेसबुक पर वायरल की थी। पुलिस ने सैंट्रल टाऊन के रहने वाले वकील आर.के बजाज, बेटे विशाल बजाज और दामाद विशाल स्याल पर आई.टी एक्ट एवं अन्य धाराओं के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कर ली है। पीड़ित महिला द्वारा साल 2022 में उक्त मामले में संबंधी शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जहां पुलिस द्वारा दो साल की जांच के बाद ही एफ.आई.आर. दर्ज हुई है।
साइबर सैल पुलिस स्टेशन में दर्ज एफ.आई.आर. नंबर 21 के मुताबिक पीड़ित महिला की शादी सैंट्रल टाऊन के रहने वाले विशाल बजाज के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके बेटा हुआ, जिसकी उम्र करीब अब 4 साल है। लेकिन शादी के बाद उसे पता चला कि उसका पति नशे करने का आदी है। जब वह उसे नशा करने के लिए रोकती तो उल्टा पति उससे गाली-गलौज करता, जिससे परेशान होकर वह जुलाई 2022 में अपने मायके परिवार आ गई। जिसपर उसके ससुरालियों द्वारा उसे और उसके परिवार को धमकियां दी गई। ससुरालियों द्वारा धमकी दी गई कि वह उन्हें अपना 4 साल का बेटा सौंप दे नहीं तो उसे झूठे केस में फंसा देंगे और उसकी न्यूड फोटो वायरल कर देंगे।
पीड़िता ने बताया कि जिसके बाद 2.08.2022 को रात 2.30 बजे ससुर आर.के बजाज ने खुद की फेसबुक आई.डी पर उसकी फोटो बदनाम करने की नीयत से पोस्ट कर दी। इसके बाद जब उसे पता चला तो उसने 5.08.2022 को सी.पी जालंधर के समक्ष पेश होकर शिकायत दर्ज करवाई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पहले शिकायत देने के बाद पुलिस अधिकारियों पर ससुराल पक्ष द्वारा प्रैशर बनाया गया था। पीड़िता ने बताया कि साल 2023 में भी ससुराल पक्ष द्वारा उनके घर में घुसकर हमला किया गया था। जिसमें उक्त आरोपियों के खिलाफ केस र्दज हुआ था, लेकिन पुलिस पर दबाव बनाकर आरोपियों द्वारा जमानत ले ली गई थी।
ए.सी.पी. गगनदीप सिंह घुम्मण और साइबर सैल ने फेसबुक कंपनी से मांगा था रिकार्ड
ए.सी.पी गगनदीप सिंह घुम्मण और साइवर सैल ने मिलकर जांच की। वायरल वीडियो की फेसबुक कंपनी से भी डिटेल मंगवाई गई थी। अब उसी अधार पर बजाज परिवार पर केस दर्ज किया है। साइबर सैल के इंचार्ज ए.सी.पी. और ए.डी.सी.पी द्वारा जांच की गई तो उक्त फेसबुक आई.डी जिसके द्वारा न्यूड फोटो पोस्ट गई, उसका फेसबुक एड्रैस और मोबाइल फोन आरोपी ससुर आर.के. बजाज के नाम पर निकला। इतना ही नहीं उक्त फोटो अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पति विशाल बजाज और दामाद विशाल स्याल द्वारा पोस्ट की गई थी।
पीड़िता बोली: साइबर सैल की टीम केस दर्ज करने के बाद आरोपियों को पकड़ने में विफल
पीड़िता ने कहा कि पहले तो पुलिस द्वारा 2 साल की जांच के बाद केस दर्ज किया गया, अब प्रैशर में आकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। केस दर्ज होने के बाद जब वह साइबर सैल के इंचार्ज अशोक शर्मा से एफ.आई.आर. कापी लेने गई पर उसे नहीं दी गई। अब पुलिस आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करे। पीड़िता ने कहा कि अगर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है तो वह जल्द ही डी.जी.पी. दफ्तर में पेश होकर गिरफ्तारी की मांग करेगी।
