रोजाना24न्यूज़: खाद्य पदार्थों से लेकर रसोई गैस सिलेंडर के दामों में भारी इजाफे के बीच अपना घर बनाने वाले को राहत मिल गई है। इस क्रम में सरिया तथा सीमेंट के दामों में उल्लेखनीय गिरावट हो गई है। चंद दिनों में जहां सरीए के दाम में 22 रुपए प्रति किलो की गिरावट हो गई है, वहीं सीमेंट के दामों में 45 रुपए प्रति बोरी की गिरावट हो गई है। यह पहला अवसर है जब सरिया तथा सीमेंट के दामों में एक साथ गिरावट हुई है। इससे घर बनाने वाले हर वर्ग को राहत मिली है। हालांकि सरिए का स्टॉक करने वाले स्टॉकिस्टों को नुकसान जरूर हुआ है। कारण, सरिए के स्टाकिस्टों को महंगे दाम में खरीदा गया सरिया अब सस्ते दाम में बेचना पड़ेगा।
दरअसल, जुलाई माह के शुरूआत में ही सीमेंट तथा सरीए के दाम धड़ाम से गिरे हैं। जनवरी माह से लेकर जून तक सरिया के दाम 82 रुपए पर प्रति किलो का आंकड़ा छू चुके थे। जिस कारण भवन निर्माण भी महंगा हो गया था। वहीं जुलाई माह के शुरुआत से जिले में सरिया के दामों में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। दिन प्रतिदिन 5 से 10 रुपए प्रति किलो के दामों में गिरावट के बाद सरिया के दाम मात्र 60 रुपए प्रति किलो रह गए हैं। यही स्थिति सीमेंट की भी है। विभिन्न प्रकार के सिमेंट जो जून माह के शुरुआत में 430 से लेकर 435 रुपए में बेचे जा रहे थे, उनके दाम लुढ़क कर 390 से लेकर 400 रुपए तक रह गए हैं। जिससे अपना घर बनाने वाले वर्ग को राहत मिल गई है।
स्टॉक करने वालों को झेलना पड़ रहा है नुकसान
सरिया तथा सीमेंट का स्टॉक करने वालों को दामों में गिरावट के बाद नुकसान झेलना पड़ रहा है। कारण, महंगे दामों पर खरीदे गए सरीए तथा सीमेंट को अब कम दामों में बेचना मजबूरी बन गया है। इस बारे में सरिया के थोक तथा रिटेल विक्रेता सुरजीत सिंह बताते हैं, कि मिलो से सरिया के दाम कम होने के बाद उन्हें दाम घटाने पड़ रहे हैं। जिसका नुकसान उन्हें झेलना पड़ रहा है। इसी तरह सीमेंट के विक्रेता हरजीत सिंह बताते हैं कि सीमेंट के दामों में कटौती होने के बाद भी कारोबार मंदी के दौर से ही गुजर रहा है। कारण जब भी दामों में तेजी के साथ उतार-चढ़ाव होता है तो इसका असर कारोबार में मंदी के रूप में पड़ता है।
