“नाग पंचमी को कराएं कालसर्प योग की शांति”
रोज़ाना 24 न्यूज : नाग पंचमी का महत्वहिंदू त्योहारों में नाग पंचमी का खास महत्व है. नाग पंचमी काल सर्प योग की शांति के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन है नाग शिव भगवान के गले का आभूषण है. नाग पंचमी पर जीवन में सुख-समृद्धि, खेतों में फसलों की रक्षा एवं उद्योग जगत में कारोबार की सफलता के लिए नाग देवता की पूजा की जाती है. नाग पंचमी के त्योहार पर नाग देवता के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा व रुद्राभिषेक करने से जीवन में कालसर्प दोष खत्म होता है. इस दिन नागों को अभिषेक कराने और उन्हें दूध चढ़ाने से पुण्य की प्राप्ति होती है. शास्त्रों के अनुसार, नाग पंचमी पर अगर घर के बाहर सांप का चित्र बनाया जाता है तो इससे नाग देवता की कृपा घर परिवार पर बनी रहती है.
कालसर्प दोष क्यों कहते हैं
राहू का अधिदेवता ‘काल’ है तथा केतु का अधिदेवता ‘सर्प’ है। इन दोनों ग्रहों के बीच कुंडली में एक तरफ सभी सात ग्रह हों तो ‘कालसर्प’ दोष कहते हैं। राहू-केतु हमेशा वक्री चलते हैं तथा सूर्य चंद्र सदैव मार्गी चलते हैं।
“कैसे करें कालसर्प योग की शांति”
नागपंचमी के दिन किसी भी शिव मंदिर में वैदिक विद्वानों द्वारा विधिवत रुद्राभिषेक कराये एवं चांदी, पंचधातु, तांबा या अष्ट धातु का नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाएं।
नागपंचमी के दिन ही शिव मंदिर में 1 माला शिव गायत्री मंत्र : – ‘ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि तन्नोरुद्र: प्रचोदयात्।’
रुद्राक्ष की माला से नाग गायत्री मंत्र का जप करना चाहिए।
‘‘ॐ नवकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्’’
साथ ही पंचाक्षरीय मंत्र ‘‘ॐ नमः शिवाय’’ का जप करना चाहिए।
राहु ग्रह की शांति के लिए राहु मंत्र “ॐ रां राहवे नम:” एवं केतु के लिए मंत्र “ऊँ केतवे नमः ” मंत्र का जप करना चाहिए।
जिस जातक की पत्रिका में कालसर्प योग होता है उसका जीवन अत्यंत कष्टदायक एवं दुखी होता है।
“कालसर्प योग के लक्षण “
1. बाल्यकाल से ही दुर्घटना, चोट लगना, प्रत्येक क्षेत्र में रुकावट,बाधा,आना ।
2. विद्या अध्ययन में रुकावट,पढ़ाई बीच में ही छूट जाना,मन नहीं लगना ।
3. विवाह में विलंब,वैवाहिक जीवन में तनाव और विवाह के बाद तलाक की स्थिति भी पैदा हो जाना ।
4. संतान का न होना और होकर मर जाना ।
5. अपनों से ही धोखा खाना,।
6. घर में लंबे समय तक बीमार रहना और बीमारी का कारण पता नहीं चलना ।
7. आए दिन घटना-दुर्घटनाएं होते रहना।
8. रोजगार में दिक्कत एवं बरकत ना होना ।
9. महिलाओं को कुछ न कुछ समस्याएं रहना ।
10. रोजाना कलह होना, बटवारा होना ।
11. मांगलिक कार्यों में बाधा उत्पन्न होना।
12. परिवार में गर्भपात या अकाल मृत्यु होना ।
13. प्रेतबाधा का प्रकोप,चिड़चिड़ापन रहना।
14. जीवन में अनेकानेक समस्याएं उत्पन्न होना एवं काबिलियत के अनुरूप फल न मिलना यह कालसर्प योग के प्रभाव के ही कारण होता है ।
“इस दिन क्या ना करें “
नाग पंचमी पर सूई धागे का इस्तेमाल करना भी अशुभ माना जाता है और इस दिन लोहे के बर्तन में भोजन नहीं बनाना चाहिए.
