जालंधर (R24N): लखपति से करोड़पति बने जालंधर के एक स्पोर्ट्स कारोबारी ने अब महादेव एप घोटाले को भी पीछे छोड़ दिया है, इस कारोबारी ने अपनी ही एक साईट तैयार करके सट्टा बाज़ार में लोगों को क्रिकेट मैचों पर सट्टा खिलवाने के लिए लोगों को आईडी और पासवर्ड दे दिए हैं जिससे लोग उस आईडी को रिचार्ज करवाते हैं और उसका सारा हिसाब सोमवार को होता है जिस दिन ये 6 पार्टनर लाखों रूपए कमाते है।
मुख्य सरगना बस्ती नौ का स्पोर्ट्स कारोबारी है, पर रैनक बाजार का कपड़ा व्यापारी भी कुछ पीछे नहीं है क्योंकि पहले वह भी अपनी दुकान में बैठकर कपड़े का व्यापार करता था जब से उसने सट्टा बाजार में कदम रखा है तब से उसके भी दिन बदल चुके हैं। उसने रैनक बाजार में अपनी 5 से 6 दुकानें खरीद कर किराए पर चढ़ाई हुई है और अब टिकिया वाले चौक के पास अमृतसर वाली गली में नगर निगम टीम के साथ मिलकर एक मार्केट तैयार कर रहा है इससे साफ साबित होता है कि उसका काले कारोबार में कितना पैर पसर चुका है। यह सट्टेबाज अपनी कपड़े की दुकान पर एक महीने में एक ही दिन रात के समय में ही आता है। और महीने के पूरे दिन काले कारोबार में काम करता है। जल्द ही पुलिस इनके काले चिट्ठे एकत्रित करके इन पर शिकंजा कसने जा रही है। यह लोग भोले भाले लोगों को जुए की गंदी लत में धकेलकर खुद करोड़ों कमा रहे है।
भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग एप को किया बैन
पिछले 5 सालों से ऑनलाइन गेमिंग एप (मैचों पर सट्टेबाजी करने वाला एप) के जरिए इस स्पोर्टस कारोबारी पंटर ने कई बुक्कियों से करोड़ों रुपए जीत लिए। हाल ही में भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग एप को बैन कर दिया गया था लेकिन उसके बावजूद ऑन लाइन गेमिंग एप से यह पंटर व रैनक बाजार का कपड़ा व्यापारी करोड़ों रुपयों के दाव लगा रहे है।
अब नहीं बच पाएंगे ऑनलाइन गेमिंग एप्स का इस्तेमाल करने वाले : डीसीपी नरेश डोगरा
इस संबंध में डी.सी.पी. नरेश डोगरा ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग एप्स का इस्तेमाल करने वाले और एप बेचने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी फ्रॉड के खिलाफ एक्शन लेने के लिए कमिश्नरेट पुलिस वचनबद्ध है और लोगों के घर उजाड़ने वाले सट्टेबाजों को बख्शेगी नहीं।
