जालंधर (R24N): वक्फ़ बोर्ड संशोधन बिल का विरोध करना पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी को महंगा पड़ रहा है। जिसके चलते उन्हें समाज के बुद्धिजीवी वर्ग के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। आज जालंधर में वकीलों ने लोकसभा से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बायकाट का ऐलान किया गया। जालंधर के वकीलों ने कहा कि सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने संसद में संशोधन बिल का विरोध किया था और उसके खिलाफ अपना मतदान किया। इस दौरान वकीलों ने कहा कि जो जनप्रतिनिधि देश की खासकर पंजाब की स्थिति एवं आम लोगों से जुड़े हुए संवेदनशील मुद्दों पर भी गंभीर नहीं है उसका बॉयकॉट किया जाना जरूरी है।
इस दौरान यंग एडवोकेट्स क्लब के प्रधान एडवोकेट एकमजोत सिंह गिल ने कहा कि देश की एकता और अखंडता को देखते हुए वक्फ़ संशोधन बिल का पास होना बहुत जरूरी था और वह केंद्र की मोदी सरकार का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने इस बिल को पास कराके एक अहम काम किया है।
इस दौरान वकीलों के स्टडी सर्किल के संयोजक एडवोकेट विनोद गुप्ता ने कहा कि वक्फ़ बोर्ड के माध्यम से लगातार लैंड माफिया का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था और वह लगातार पनप रहा था और आम और गरीब लोगों के हितों पर डाका डाला जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल के पास होने से लैंड माफिया के गोरख धंधे पर लगाम लगेगी और देश की सुरक्षा के लिए इस बिल का पास होना अति जरूरी था।
गरीब मुसलमान का शोषण बंद होगा
इस मौके पर एडवोकेट तमन्ना और एडवोकेट रजनी ने कहा कि इस बिल के पास होने से जहां गरीब मुसलमान का शोषण बंद होगा वहीं कई तरह की सामाजिक और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी। वकीलों ने प्रशासन से मांग की कि पंजाब में बाहर से आकर बस रहे और लगातार बढ़ रहे लोगों की जांच करवाए ताकि उनकी असली मंशा का पता लगाया जा सके और धर्म विशेष की आड़ में हो रही आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगे।
